एक्टिंग किंग शायद कहते होंगे..
"सुपरस्टार बरक़रार रहतें" उन्हें!
अपने लोकप्रिय भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना जी का आज ७९ वा जनमदिन! इसी महिने अपने एक्टिंग किंग दिलीप कुमार जी का ९९ वा जनमदिन था।
उन्हें सलाम!!
- मनोज कुलकर्णी
मेरे इस ब्लॉग पर हमारे भारतीय तथा पूरे विश्व सिनेमा की गतिविधियों पर मैं हिंदी में लिख रहा हूँ! इसमें फ़िल्मी हस्तियों पर मेरे लेख तथा नई फिल्मों की समीक्षाएं भी शामिल है! - मनोज कुलकर्णी (पुणे).
Tuesday, 21 December 2021
Tuesday, 14 December 2021
गर्दिश में तारे रहेंगे सदा.."
संवेदनशील गीतकार शैलेन्द्र जी ने लिखा यह आखरी नग़्मा था..
अपने आखरी दिनों में उन्होंने 'आरके' की फ़िल्म 'मेरा नाम- जोकर' के लिए बड़ी मुश्किल से यह लिखा।
हालांकि तब उनके १७ साल के बेटे शैली से राज कपूर ने उसे पूरा करवाया जिसने इसका मुखड़ा लिखा और अंतरें शैलेन्द्रजी ने लिखें।
तो "जीना यहाँ मरना यहाँ.." इस गाने से शैली शैलेन्द्र कम उम्र में गीतकार बने!
१४ दिसम्बर,१९६६ को शैलेन्द्र जी ने इस जहाँ को अलविदा किया और उसके चार साल बाद 'मेरा नाम जोकर' (१९७०) प्रदर्शित हुई, जिसे अब ५० साल हुए हैं।
संजोग ऐसा की, राज कपूर के जनमदिन पर शैलेन्द्रजी इस जहाँ से रुख़सत हुए थे!
ख़ैर, आज उनके स्मृतिदिन पर उन्हें सुमनांजलि!!
- मनोज कुलकर्णी
Sunday, 12 December 2021
दो अज़ीम शख़्सियतों की मुलाक़ात!
| १९६९ की यह दुर्लभ तस्वीर है जब 'सरहद गाँधी' अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान भारत आएं थे.. तब अपने लाजवाब अदाकार यूसुफ़ साहब (दिलीप कुमार) उनसे बड़ी अदब से मिले थे! |
अब अपने अदाकारी के शहंशाह (दिलीप कुमार) की बादशाह ख़ान ('सरहद गाँधी') से जन्नत में मुलाक़ात हुई होंगी!
संजोग ऐसा की, इन दोनों अज़ीम शख़्सियतों की बस दो साल की दूरी रह गयी थी अपनी उम्र के सौ साल पुरे करने में!
ख़ैर, उनको सलाम!!
- मनोज कुलकर्णी
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