अलविदा!!
मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र जी इस दुनिया से रुख़सत हो गए यह ख़बर दुखदायक हैं!
प्रेम भावना से लेकर यथार्थवादी तथा तरक्कीपसंद ऐसी उनकी शायरी याद आ रही है।
मेरे उनके पसंदीदा शेर:
न जी भर के देखा, न कुछ बात की
बड़ी आरज़ू थी, मुलाक़ात की!
और,
लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में!
उन्हें श्रद्धांजलि!!
- मनोज कुलकर्णी
(मानस रूमानी)
