मेरे इस ब्लॉग पर हमारे भारतीय तथा पूरे विश्व सिनेमा की गतिविधियों पर मैं हिंदी में लिख रहा हूँ! इसमें फ़िल्मी हस्तियों पर मेरे लेख तथा नई फिल्मों की समीक्षाएं भी शामिल है! - मनोज कुलकर्णी (पुणे).
Friday, 19 June 2026
Tuesday, 16 June 2026
Monday, 8 June 2026
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| मशहूर गायिका सुमन कल्याणपुर जी! |
"हम ये दुनिया छोड़ जाते है.."
मशहूर गायिका सुमन कल्याणपुर जी हाल ही में इस दुनिया से रुख़सत हुई और उनके फ़िल्मी करियर का यह शुरूआती गीत ग़मगीन माहौल में सुनाई दिया!१९५० से १९८० के दशक तक के प्लेबैक सिंगिंग करियर में उन्होंने अनगिनत गीत गाएं, जो काफी पसंद किए गए। इसमें हिंदी के साथ मराठी जैसे कई प्रादेशिक भाषाओँ के गीत थे, जिन्हे आज भी गुनगुना जाता हैं। इसमें एक तरफ "जिथे सागरा धरणी मिळते.." जैसे मराठी प्रेमगीत तो दूसरी तरफ "जूही की कली मेरी लाडली.." जैसे हिंदी दुलार गीत हैं।
अपने समकालीन गायकों के साथ उनके डुएट्स भी यादगार रहे। इसमें हेमंत कुमार जी के साथ "ना तुम हमें जानो..", मुकेश जी के साथ "मेरा प्यार भी तू है.." और हमारे पसंदीदा मोहम्मद रफ़ी जी के साथ "पर्बतों के पेड़ों पर शाम का बसेरा है..", "तुमने पुकारा और हम चले आए..", "आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे.." ऐसे रोमैंटिक!
गौरतलब की 'स्वरसम्राज्ञी लता मंगेशकर अवार्ड' उन्हें मिला! 'पद्म भूषण' से भी वह सम्मानित हुई।
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| सुमन कल्याणपुर जी और मोहम्मद रफ़ी जी गाने की रिकॉर्डिंग में! |
"यूँही इस चमन की ज़ीनत रहेंगे.."
एक कार्यक्रम में सुमन कल्याणपुर जी से हुई मेरी मुलाकात अब याद आ रही हैं!
उन्हें सुमनांजलि!!
- मनोज कुलकर्णी
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