Monday, 8 June 2026

मशहूर गायिका सुमन कल्याणपुर जी!

"हम ये दुनिया छोड़ जाते है.."

मशहूर गायिका सुमन कल्याणपुर जी हाल ही में इस दुनिया से रुख़सत हुई और उनके फ़िल्मी करियर का यह शुरूआती गीत ग़मगीन माहौल में सुनाई दिया!

१९५० से १९८० के दशक तक के प्लेबैक सिंगिंग करियर में उन्होंने अनगिनत गीत गाएं, जो काफी पसंद किए गए। इसमें हिंदी के साथ मराठी जैसे कई प्रादेशिक भाषाओँ के गीत थे, जिन्हे आज भी गुनगुना जाता हैं। इसमें एक तरफ "जिथे सागरा धरणी मिळते.." जैसे मराठी प्रेमगीत तो दूसरी तरफ "जूही की कली मेरी लाडली.." जैसे हिंदी दुलार गीत हैं।

अपने समकालीन गायकों के साथ उनके डुएट्स भी यादगार रहे। इसमें हेमंत कुमार जी के साथ "ना तुम हमें जानो..", मुकेश जी के साथ "मेरा प्यार भी तू है.." और हमारे पसंदीदा मोहम्मद रफ़ी जी के साथ "पर्बतों के पेड़ों पर शाम का बसेरा है..", "तुमने पुकारा और हम चले आए..", "आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे.." ऐसे रोमैंटिक!

गौरतलब की 'स्वरसम्राज्ञी लता मंगेशकर अवार्ड' उन्हें मिला! 'पद्म भूषण' से भी वह सम्मानित हुई।

सुमन कल्याणपुर जी और मोहम्मद रफ़ी जी गाने की रिकॉर्डिंग में!
हमारे अज़ीज़ मजरूह जी का अमर गीत "रहे ना रहे हम.." जो लताजी और रफ़ीजी के प्रमुख स्वरों में हैं, उसके आखरी अंतरे में सुमनजी का भी साथ हैं..वही अब उनके लिए याद आता हैं..
"यूँही इस चमन की ज़ीनत रहेंगे.."

एक कार्यक्रम में सुमन कल्याणपुर जी से हुई मेरी मुलाकात अब याद आ रही हैं!

उन्हें सुमनांजलि!!

- मनोज कुलकर्णी

Friday, 29 May 2026

अलविदा!!

मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र जी इस दुनिया से रुख़सत हो गए यह ख़बर दुखदायक हैं!

प्रेम भावना से लेकर यथार्थवादी तथा तरक्कीपसंद ऐसी उनकी शायरी याद आ रही है।

मेरे उनके पसंदीदा शेर:

न जी भर के देखा, न कुछ बात की
बड़ी आरज़ू थी, मुलाक़ात की!


और,

लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में!


उन्हें श्रद्धांजलि!!

- मनोज कुलकर्णी
(मानस रूमानी)

Monday, 13 April 2026

अलविदा!!!

अपने लोकप्रिय भारतीय सिनेमा की सदाबहार दिग्गज पार्श्वगायिका आशा भोसले जी कल ९२ साल की उम्र में यह जहाँ छोड़ के गई!

पार्श्वगायन के क्षेत्र में लंबा अर्सा बिताने के बाद भी उनकी आवाज़ में वही ताज़गी और गाने में वही जोश और शोख़ था! उन्होंने मलिका-ए-हुस्न मधुबाला के लिए "आइये मेहरबान.." गाया और कई बरसों बाद काजोल के लिए "जरा सा झूम लू मैं.." दोनों में वहीं ख़ुमार!

अष्टपैलू गायन शैलीवाली इस गायिका ने एक तरफ ओ. पी. नय्यर के संगीत में "देखो बिजली डोले बिन बादल की.." जैसे शास्त्रीय संगीत पर आधारित गीत गाएं। तो दूसरी तरफ आर. डी. बर्मन के संगीत में "पिया तू अब तो आजा.." जैसे क्लब के पॉप गाने! दोनों संगीतकार उनके प्रशंसक थे!

हमारे अज़ीज़ गायक मोहम्मद रफ़ी जी के साथ "इशारों इशारों में दिल लेने वाले.." जैसे रूमानी और किशोरकुमार के साथ "हवा के साथ साथ.." जैसे अलग अंदाज़ के डुएट्स उन्होंने बख़ूबी गाएं। वैसे ही ख़य्याम जी के संगीत में शहरयार जी की "इन आँखों की मस्ती के.." जैसी ग़ज़लें उसी नज़ाकत से गाई!

अपने सात दशक के कैरियर में उन्होंने हिंदी और मराठी के साथ अन्य बीस भाषाओं में लगभग १२,००० गाने गाएं। सबसे ज़्यादा गानों की रेकार्डिंग की वजह से 'गिनिज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स' में उनका नाम दर्ज हुआ। फ़िल्म 'माई' में उन्होंने भूमिका भी निभाई!


'पद्मविभूषण' के साथ अपने भारत सरकार के सर्वोच्च 'दादासाहेब फाल्के पुरस्कार' से वह सम्मानित हुई!


उम्र के आख़री पड़ाव में
भी "कजरा मोहब्बतवाला.." ऐसा अपने गाने जैसा रूमानिपन वह संभाली हुई थी!

ऐसी इस सदाबहार गायिका को सुमनांजलि!!

- मनोज कुलकर्णी

Saturday, 21 March 2026


ईद की दिली मुबारक़बाद!

अमन, भाईचारे का समाँ हर तरफ़ हो
प्यार की शमा रोशन हर दिल में हो!


- मानस रूमानी

Sunday, 8 March 2026


फूल बनके खिलना चाहती है कलियाँ
मुरझा न दो उन्हें, महकने दो आसमाँ!

- मानस रूमानी

(महिला दिन शुभकामनाएं!)

Wednesday, 4 March 2026

ये दुनिया किसी की जागीर नहीं
ये किसी के इशारे पे नहीं चलेगी

- मानस रूमानी


ये दुनिया है की जंग से बाज आती नहीं
और हम है की चाहते दुनिया प्यार की!

- मानस रूमानी