Sunday, 13 February 2022

"अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम
सबको सन्मति दे भगवान.."

गानसम्राज्ञी लता मंगेशकर जी ने गायी तरक्कीपसंद शायर साहिर लुधियानवी जी की यह बेहतरीन नज़्म हालातों के मद्देनज़र मुझे अब याद आयी।

जयदेव जी ने संगीतबद्ध की हुई यह नज़्म देव आनंद जी की फ़िल्म 'हम - दोनों' (१९६१) में संवेदनशील अभिनेत्री नंदा जी ने भावुकता से सादर की थी।

इसे ६० साल पुरे हुएं हैं; लेकिन इसका समकालीन मूल्य अभी भी बरक़रार हैं।

इनको सलाम!!

- मनोज कुलकर्णी

🙏 बाबासाहब के विचारों को ध्यान में रखें!

सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ आवाज़ उठानेवाली हमारे सेक्युलर इंडिया की बहादुर लड़की पर हमे नाज हैं!

- मनोज कुलकर्णी

Wednesday, 9 February 2022

"सभी ऐहले दुनिया ये कहते हैं हमसे
के आता नहीं कोई मुल्क-ए-अदम से
आज ज़रा शान-ए-वफ़ा देखे ज़माना
तुमको आना पड़ेगा.."

साहिर के 'ताजमहल' (१९६३) फ़िल्म के "जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा" गीत का यह अंतिम चरण..जिन्होंने गाया वे अज़ीम और मेरे अज़ीज़ मोहम्मद रफ़ी जी और लता मंगेशकर जी के लिए मुझे अब याद आया।

हालांकि पुनर्जन्म पर विश्वास नहीं..लेकिन मेरे मन में रफ़ीजी और लताजी के लिए "आप को फिर आना होगा" ऐसे जज़्बात उभर आएं हैं!

- मनोज कुलकर्णी

"चलो दिलदार चलो 
चाँद के पार चलो.."
कहकर सुरों के शहंशाह मोहम्मद रफ़ी जी ने ४० साल पहले इस जहाँ से रुख़सत ली थी और अब..
"हम है तैयार चलो.." ऐसी उन्हें साथ देकर सुरों की मलिका लता मंगेशकर जी ने इस जहाँ को छोड़ा है!

मेरे मन में अपने इन दो अज़ीम फ़नकारों का यह अमर नग़्मा गूँज रहा हैं..
शायद चाँद के उस पार मौसीक़ी का ख़ूबसूरत जहाँ होगा उनका!

लेकिन मेरे ये दो अज़ीज अब इस दुनियां में नहीं हैं इससे मन दुखी है!
 
उन्हें मेरी सुमनांजलि!!

- मनोज कुलकर्णी

यह है हमारी शान-ए-हिन्दोस्ताँ
जानो सबका इबादत का ज़रिया
अक़ीदत और मोहब्बत के साथ
जन्नत बक्श ने की ही है दुआ!

- मनोज 'मानस रूमानी'
 
 
हमारी गानसम्राज्ञी लता मंगेशकरजी का अंतिम दर्शन लेते शाहरुख़ खान और महिला सहकारी के छायाचित्र पर लिखा!

- मनोज कुलकर्णी

Sunday, 6 February 2022

भाग्यशाली मैं!


🥀
गान सरस्वती के दरबार में
जीवन का एक सुनहरा पल
अपनापन से हुई सुरीली बातें
जीवन संगीत से भरी महफ़िल
 
- मनोज 'मानस रूमानी' 
 
हमारी पूज्य भारतरत्न लता मंगेशकरजी आपके चरणों मे सादर प्रणाम!!!
🙏
 
- मनोज कुलकर्णी