Monday, 13 April 2026

अलविदा!!!

अपने लोकप्रिय भारतीय सिनेमा की सदाबहार दिग्गज पार्श्वगायिका आशा भोसले जी कल ९२ साल की उम्र में यह जहाँ छोड़ के गई!

पार्श्वगायन के क्षेत्र में लंबा अर्सा बिताने के बाद भी उनकी आवाज़ में वही ताज़गी और गाने में वही जोश और शोख़ था! उन्होंने मलिका-ए-हुस्न मधुबाला के लिए "आइये मेहरबान.." गाया और कई बरसों बाद काजोल के लिए "जरा सा झूम लू मैं.." दोनों में वहीं ख़ुमार!

अष्टपैलू गायन शैलीवाली इस गायिका ने एक तरफ ओ. पी. नय्यर के संगीत में "देखो बिजली डोले बिन बादल की.." जैसे शास्त्रीय संगीत पर आधारित गीत गाएं। तो दूसरी तरफ आर. डी. बर्मन के संगीत में "पिया तू अब तो आजा.." जैसे क्लब के पॉप गाने! दोनों संगीतकार उनके प्रशंसक थे!

हमारे अज़ीज़ गायक मोहम्मद रफ़ी जी के साथ "इशारों इशारों में दिल लेने वाले.." जैसे रूमानी और किशोरकुमार के साथ "हवा के साथ साथ.." जैसे अलग अंदाज़ के डुएट्स उन्होंने बख़ूबी गाएं। वैसे ही ख़य्याम जी के संगीत में शहरयार जी की "इन आँखों की मस्ती के.." जैसी ग़ज़लें उसी नज़ाकत से गाई!

अपने सात दशक के कैरियर में उन्होंने हिंदी और मराठी के साथ अन्य बीस भाषाओं में लगभग १२,००० गाने गाएं। सबसे ज़्यादा गानों की रेकार्डिंग की वजह से 'गिनिज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स' में उनका नाम दर्ज हुआ। फ़िल्म 'माई' में उन्होंने भूमिका भी निभाई!


'पद्मविभूषण' के साथ अपने भारत सरकार के सर्वोच्च 'दादासाहेब फाल्के पुरस्कार' से वह सम्मानित हुई!


उम्र के आख़री पड़ाव में
भी "कजरा मोहब्बतवाला.." ऐसा अपने गाने जैसा रूमानिपन वह संभाली हुई थी!

ऐसी इस सदाबहार गायिका को सुमनांजलि!!

- मनोज कुलकर्णी